
राम शंकर झा "मैथिल"
तरुआ
आय भोरहरिये सँ
रहि रहि छनमन
भनसा घर सँ महक
गमक तरुआक
आय भोरहरिये सँ...!
बाड़ी कें टाट पअर
चतरळ
पुरना घरारि पअर
ळटकळ
कोरो बाती सङ्ग
बरेरी चढ़ळ
ळाळ फर सङ्ग
हरियर तिलकोर
भरि बारि सुन्नर
सन जुआळ पात
नेहु नेहु तोरैथ
चिकन चुनमुन
पात तिळकोर
खन खन बाजैत
हाथक लहठी
आय भोरहरिये सँ...!
अरबा चाउर सङ्ग
बेसनक घोळ
लबका चूल्हा सङ्ग
लबका झाँझ
गोल गोल गोईठा
मिठ मिठ आँच
नरम नरम हाथ सङ्ग
सांनळ पिठार
आय भोरहरिये सँ...!
मन बहकै सङ्ग
उमंगक बसात
करकैत तेल पहिळ
घानी तरुआ
भोग ळगायब चढ़ळ
केराक पात
गोसांई घरक भगवती
सङ्गअछिँजळ
असुरगब
आय भोरहरिये सँ...!
करकर आरतिक
पात सन पातर
मुंह मे विळाअ जेना
हवा मिठाई
सब कियौ बाजअ
सब करैय बखान
ई कनियाँ होंसगर
छथि बढ़ लूरिगर
आय भोरहरिये सँ...!
भरि टोळ हकार
भरि टोळ खाअक
रंग बिरंग तरकारी
सङ्ग सांठळ सचार
ताहि पअर सोन सन
करकर झळकैय
कोबी कदीमा भांटा सङ्ग
तरुआ तिलकोर
बढ़ हुळेसँ बढ़ स्नेह सँ
भरि भरि बाकुट
ळारैत मुँह नहिं अघाईथ
सङ्ग गुण गाबैथ
आह कतेक वरख बाअद
ऐंहन सोहनगर
पाओळ तरुआ
कटुम दियाद फरिक
सङ्ग पुछा गोंआरि
आय भोरहरिये सँ...!
एतेक ळूरिगर छथि
ई कनियाँ काए बहिन
ज्यों हमरौ घर आबथि
एहने पुतौह
घोघे तअर सँ बाजि
उठळीह ळाळ मैयां
हे हे हअम करि निहोउरा
कळ जोरि
जुनि कियौ नजर लगाबु
गुजैरि लगाबु
कतेक एकादशी कतेक
केएलहुँ एकसंझा
तखन सुनळाह डिहबार
सङ्ग ओढ़रधानी
सबटा जानैथ छथि
दीनानाथ उगलाहा
आय भोरहरिये सँ
रहि रहि छनमन
भनसा घर सँ महक
गमक तरुआक
आय भोरहरिये सँ
रहि रहि छनमन!!
राम शंकर झा"मैथिल"
उघरा, दरभंगा l
Mo -7970778787
Mail -jharam1977@gmail.com
-राम शंकर झा "मैथिल", उघरा, दरभंगा, मो-7970778787, Mail-
jharam1977@gmail.com
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